सोमवार, 22 मार्च 2021

हिन्दी शायरी


जो फटी जींस पहनने के पक्षधर हैं वो बुर्का बैन पर
तिलमिलाए
फिरते है ।
इसी
दोगलेपन 
को भारत में सेकुलरिज्म कहा जाता है ।

 

मेरा दिन उदास सा

मेरा दिन उदास सा गुजरता है अगर मैतुम्हे तंग ना कंरू तो

 

हिन्दी शायरी

जो फटी जींस पहनने के पक्षधर हैं वो बुर्का बैन पर तिलमिलाए फिरते है । इसी दोगलेपन  को भारत में सेकुलरिज्म कहा जाता है ।